. *अच्छे कर्म करो*
एक बार की बात है, कर्म और दौलत की आपस मे बहस हो गई। दौलत कहती है कि मैं बडी हू, किसी को कुछ भी बना सकती हू। और कर्म कहता है कि मेरे बिना दौलत किसी काम की नही। दौलत कहती है कि चलो देखते है, कि कौन बडा है। कर्म भी मान गया और दोनो चल पडे।
जंगल में एक बहुत गरीब आदमी लकडी काट रहा था। दौलत उस के पास गई, और एक थैली सोने की मोहरो की उस को दे दी। और वहां से चली गई, वो आदमी बहुत खुश हुआ। और घर को चल पडा, घर पहुंचा तो घर के गेट का दरवाजा बंद था। उस ने वह थैली दीवार पर रखी और दरवाजा खोलने लगा। दरवाजा खुलते ही वो अन्दर चला गया और मोहरो की थैली दीवार पर ही भूल गया। वो मोहरे वहां से पडोसी ने उठा ली, और अगले दिन फिर वो आदमी लकडी काटने चला गया। दौलत फिर उस के पास गई। और उस को एक हीरा दिया, और फिर वहां से चली गई। उस ने हीरा जेब में डाला और वहां से चल पडा। रास्ते मे उस को बहुत प्यास लगी, वो एक झरने के किनारे बैठ कर पानी पीने लगा। तो वह हीरा पानी मे गिर गया, और एक मछली के पेट मे चला गया। वो आदमी उदास हो कर वहां से घर चला गया। अगले दिन फिर वो लकडी काटने चला गया, अब कर्म ने दौलत से कहा कि तुमने दो बार कोशिश की अब मैं कोशिश करता हूँ। देखना इस के कैसे नसीब खुलते है, कर्म ने उस आदमी को 2 पैसे दिए और चला गया। आदमी बहुत खुश हुआ और वह घर को चल पडा। और रास्ते मे सोचता है, कि दाल से रोटी रोज खाते है। आज मछली से खाते है, उस ने बाजार से मछली खरीदी। और घर जा कर जब मछली काटी तो उस मे से हीरा निकला। हीरा देख कर वह बहुत खुश हुआ और चिल्लाने लगा। कि मिल गया, मिल गया, पडोसी ने यह सुना। और सोचा कि शायद इसे पता चल गया है, कि वो मोहरे की थैली मेरे पास है। उस ने वो थैली उस आदमी के घर फैक दी। उस आदमी को वह थैली भी मिल गई। वह बहुत खुश हुआ, और परमात्मा का शुक्र किया। कर्म जीत गया और दौलत हार गई। सो हमे भी हमेशा अच्छे कर्म ही करने चाहिए। अच्छे कर्मो से ही सतगुरु का प्यार और सब कुछ मिलता है जी। *जब कभी बिजली चली जाऐ तो हम ये कभी नही कहते। कि बिजली तो है नही चलो खंबे से अपने घर का कनेक्शन काट लेते है। क्योंकि हमे पता है कि, एक आधे घंटे मे लाईट ने आ ही जाना है। पता नही कब लाईट आ जाऐ और हमारा घर रौशन हो जाए। इसी तरह हमे भी अपना ध्यान रूपी कनेक्शन रूहानियत के ट्रांसफार्मर से कभी हटने नही देना। क्या पता कब परमात्मा की दया मेहर हो जानी है। और हमने रौशनी से नहा जाना है। और सुपर पावर से मिलन हो जाना है।*
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